साधारण बिमारी को कोरोना समझ न घबराएं, चिकित्सीय सलाह लें रहें भय मुक्त

दतिया। कोरोना या कोविड़ 19 एक विषाणु जनित बीमारी है। हमारे वातावरण में हजारों लाखों विषाणु विचरण कर रहे हैं। वहीं सामान्यता सभी विषाणुओं के शुरुआती लक्षण जुकाम, खांसी और बुखार व कमजोरी ही होता है। ऐसे वायरस के साथ भी है और यही कारण है, कि व्यक्तियों को सामान्य ़होने पर भी यह लगता है, कि उन्हें कोविड़ 19 तो नहीं है। इस विषय में मेडिकल कॉलेज दतिया के सहप्राध्यापक डॉ. हैमंत कुमार जैन का कहना है, कि सामान्य फ्लू को भी कोरोना समझकर न घबराएं और परेशानी होने पर डॉक्टर से विचार विमर्श कर प्रकोशन लें। उन्होंने बताया कि सामान्यता किसी भी बीमारी क़े लिए सरकार इतनी जागरुकता नहीं फैलाती है। परंतु कोविड़ 19 एक महामारी है। इसलिए इसके लक्षण जनता को बताना आवश्यक था, लेकिन यह सारे लक्षण इन बीमारियों में भी पाए जा सकते हैं। जैसे कि फ़्लू इंफ़ेक्शन, दमा, एलर्जी इत्यादि। अतः किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चिकित्सक से जरूर परामर्श लें। वहीं अपने में कोरोना के डर को ना घुसने दें।


 

अधिकांश मरीज फ्लू से डरकर पहुंचे अस्पताल


डॉ. जैन ने अपना अनुभव व्यक्त करते हुए बताया, कि मेरे ख़ुद के अनुभव से कह सकता हूं कि सर्दी, खांसी, बुखार और छाती में दर्द के साथ आए 90 प्रतिशत मरीजों क़ो फ़्लू था। अभी भी जो व्यक्ति इन लक्षणों के साथ आ रहे हैं वो भी फ़्लू से ही पीड़ित हैं। इस समय कोरोना का डर इतना भयंकर व्याप्त है कि सामान्य व्यक्ति जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है वो भी अपने आप को कोरोना से संक्रमित मान रहे हैं। ऐसे में पहले इन बिंदुओं पर विचार करें। पिछले कई दिनों में किसी विदेश यात्रा से नहीं लौटे हैं। आप किसी ऐसे क्षेत्र से नहीं आए हैं। कोरोना के केस मिल रहे हैं। आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क ना आए हों। इन्हें कोरोना संक्रमण क़ी पुष्टि हुई हो।